उत्सव · पर्व

वार्षिक उत्सव व पावन पर्व पंचांग

दीपावली और अन्नकूट, महाशिवरात्रि, नवरात्रि, जन्माष्टमी और भी बहुत कुछ: आने वाले वर्ष के उत्सवों की तिथियाँ, विशेष दर्शन समय और ग्रहण पर मंदिर बंद रहने की जानकारी।

वर्ष के प्रमुख उत्सव

सटीक तिथियाँ हिंदू पंचांग के अनुसार होती हैं और ट्रस्ट की घोषणा होते ही यहाँ प्रकाशित की जाती हैं।

  • दीपावली व अन्नकूट

    कार्तिक (अक्टू-नवं)

    पूरे मंदिर में दीप, लक्ष्मी पूजन और नववर्ष के दिन 56 व्यंजनों का अन्नकूट।

  • महाशिवरात्रि

    फाल्गुन (फर-मार्च)

    रुद्र मंदिर में चार प्रहर के अभिषेक के साथ रात भर पूजा।

  • होली व धुलेटी

    फाल्गुन पूर्णिमा (मार्च)

    प्रांगण में होलिका दहन और देव की फूलों की होली।

  • चैत्र व शारदीय नवरात्रि

    मार्च-अप्रैल व सितं-अक्टू

    मंदिर चौक में गरबा और चंडी हवन के साथ देवी की नौ रातें।

  • जन्माष्टमी

    श्रावण (अगस्त)

    मध्यरात्रि जन्मोत्सव, झूला दर्शन और अगली सुबह दही-हांडी।

  • कार्तिक पूर्णिमा

    कार्तिक (नवंबर)

    पवित्र कुंड पर दीपदान और घाट पर वार्षिक मेला।

उत्सव यात्रा की योजना बनाएँ

उत्सवों के दिन भारी भीड़ होती है। समयबद्ध दर्शन पास या उत्सव सेवा पहले से बुक करें और जल्दी पहुँचें।

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