दैनिक हिंदू पंचांग व मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त, दिन की तिथि, नक्षत्र, योग और करण, राहुकाल और चौघड़िया, जो हर दिन मंदिर के अपने स्थान के लिए गणना किए जाते हैं।
अधिक ज्येष्ठ शुक्ल नवमी
मास के नाम गुजरात में प्रचलित अमांत पंचांग (अमावस्या से अमावस्या) के अनुसार हैं।
- सूर्योदय6:11 am
- सूर्यास्त7:30 pm
- तिथिशुक्ल नवमी4:33 am (अगले दिन) तक, फिर दशमी
- नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी2:51 am (अगले दिन) तक, फिर उत्तरा फाल्गुनी
- योगहर्षण3:44 am (अगले दिन) तक, फिर वज्र
- करणबालव4:26 pm तक, फिर कौलव
- चंद्र राशिसिंह
- सूर्य राशिवृषभ
आज के मुहूर्त
- शुभब्रह्म मुहूर्त4:45 am – 5:28 am
- शुभअभिजित मुहूर्त12:24 pm – 1:17 pm
- नए कार्य के लिए वर्जितराहुकाल5:50 pm – 7:30 pm
- नए कार्य के लिए वर्जितयमगण्ड12:51 pm – 2:30 pm
- नए कार्य के लिए वर्जितगुलिक काल4:10 pm – 5:50 pm
राहुकाल, यमगण्ड और गुलिक काल में परंपरागत रूप से नया कार्य, यात्रा और ख़रीदारी आरंभ नहीं की जाती; दैनिक पूजा सामान्य रूप से चलती रहती है।
चौघड़िया
दिन और रात, दोनों को आठ-आठ चौघड़ियों में बाँटा जाता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य है, और उद्वेग, काल व रोग में महत्वपूर्ण कार्य टाले जाते हैं।
| दिन का चौघड़िया | समय | स्वभाव |
|---|---|---|
| उद्वेग | 6:11 am – 7:51 am | अशुभ |
| चर | 7:51 am – 9:31 am | सामान्य |
| लाभ | 9:31 am – 11:11 am | शुभ |
| अमृत | 11:11 am – 12:51 pm | शुभ |
| काल | 12:51 pm – 2:30 pm | अशुभ |
| शुभ | 2:30 pm – 4:10 pm | शुभ |
| रोग | 4:10 pm – 5:50 pm | अशुभ |
| उद्वेग | 5:50 pm – 7:30 pm | अशुभ |
| रात का चौघड़िया | समय | स्वभाव |
|---|---|---|
| शुभ | 7:30 pm – 8:50 pm | शुभ |
| अमृत | 8:50 pm – 10:10 pm | शुभ |
| चर | 10:10 pm – 11:30 pm | सामान्य |
| रोग | 11:30 pm – 12:50 am | अशुभ |
| काल | 12:50 am – 2:11 am | अशुभ |
| लाभ | 2:11 am – 3:31 am | शुभ |
| उद्वेग | 3:31 am – 4:51 am | अशुभ |
| शुभ | 4:51 am – 6:11 am | शुभ |
अगले 30 दिनों के उत्सव
अगले 30 दिनों में कोई उत्सव सूचीबद्ध नहीं है।
मंदिर (22.24° उ., 68.97° पू.) के लिए भारतीय मानक समय में गणना। समय अनुमानित हैं (कुछ मिनटों के भीतर) और छपे हुए पंचांगों से थोड़ा भिन्न हो सकते हैं; संस्कारों और अनुष्ठानों के मुहूर्त के लिए कृपया मंदिर के पुजारियों से परामर्श करें।