दैनिक हिंदू पंचांग व मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त, दिन की तिथि, नक्षत्र, योग और करण, राहुकाल और चौघड़िया, जो हर दिन मंदिर के अपने स्थान के लिए गणना किए जाते हैं।
भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा
मास के नाम गुजरात में प्रचलित अमांत पंचांग (अमावस्या से अमावस्या) के अनुसार हैं।
- सूर्योदय6:43 am
- सूर्यास्त6:46 pm
- तिथिशुक्ल पूर्णिमा10:20 pm तक, फिर प्रतिपदा
- नक्षत्रपूर्वा भाद्रपद11:32 am तक, फिर उत्तरा भाद्रपद
- योगगण्ड1:17 pm तक, फिर वृद्धि
- करणविष्टि (भद्रा)10:48 am तक, फिर बव
- चंद्र राशिमीन
- सूर्य राशिकन्या
आज के मुहूर्त
- शुभब्रह्म मुहूर्त5:08 am – 5:56 am
- शुभअभिजित मुहूर्त12:21 pm – 1:09 pm
- नए कार्य के लिए वर्जितराहुकाल9:44 am – 11:15 am
- नए कार्य के लिए वर्जितयमगण्ड2:15 pm – 3:46 pm
- नए कार्य के लिए वर्जितगुलिक काल6:43 am – 8:14 am
राहुकाल, यमगण्ड और गुलिक काल में परंपरागत रूप से नया कार्य, यात्रा और ख़रीदारी आरंभ नहीं की जाती; दैनिक पूजा सामान्य रूप से चलती रहती है।
चौघड़िया
दिन और रात, दोनों को आठ-आठ चौघड़ियों में बाँटा जाता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य है, और उद्वेग, काल व रोग में महत्वपूर्ण कार्य टाले जाते हैं।
| दिन का चौघड़िया | समय | स्वभाव |
|---|---|---|
| काल | 6:43 am – 8:14 am | अशुभ |
| शुभ | 8:14 am – 9:44 am | शुभ |
| रोग | 9:44 am – 11:15 am | अशुभ |
| उद्वेग | 11:15 am – 12:45 pm | अशुभ |
| चर | 12:45 pm – 2:15 pm | सामान्य |
| लाभ | 2:15 pm – 3:46 pm | शुभ |
| अमृत | 3:46 pm – 5:16 pm | शुभ |
| काल | 5:16 pm – 6:46 pm | अशुभ |
| रात का चौघड़िया | समय | स्वभाव |
|---|---|---|
| लाभ | 6:46 pm – 8:16 pm | शुभ |
| उद्वेग | 8:16 pm – 9:46 pm | अशुभ |
| शुभ | 9:46 pm – 11:15 pm | शुभ |
| अमृत | 11:15 pm – 12:45 am | शुभ |
| चर | 12:45 am – 2:15 am | सामान्य |
| रोग | 2:15 am – 3:44 am | अशुभ |
| काल | 3:44 am – 5:14 am | अशुभ |
| लाभ | 5:14 am – 6:44 am | शुभ |
अगले 30 दिनों के उत्सव
- 11 अक्टू॰ 2026: शारदीय नवरात्रि महोत्सव
मंदिर (22.24° उ., 68.97° पू.) के लिए भारतीय मानक समय में गणना। समय अनुमानित हैं (कुछ मिनटों के भीतर) और छपे हुए पंचांगों से थोड़ा भिन्न हो सकते हैं; संस्कारों और अनुष्ठानों के मुहूर्त के लिए कृपया मंदिर के पुजारियों से परामर्श करें।